Maharaj Movie: जुनैद खान की ‘महाराज’ रिलीज होगी या नहीं, गुजरात HC का फैसला आज, जानिए क्यों फंसी विवादों में


फिल्म में जुनैद खान पत्रकार करसनदास मुलजी के किरदार में हैं। जयदीप अहलावत विलेन के रोल में हैं। आरोप है कि फिल्म से हिंदू धर्म को गलत तरीके से दिखाया गया है। गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर याचिका के अनुसार, इसमें भगवान कृष्ण के खिलाफ निंदनीय बातें कही गई हैं।

By Ekta Sharma

Publish Date: Thu, 20 Jun 2024 10:24:19 AM (IST)

Updated Date: Thu, 20 Jun 2024 10:43:49 AM (IST)

Maharaj Movie: जुनैद खान की ‘महाराज’ रिलीज होगी या नहीं, गुजरात HC का फैसला आज, जानिए क्यों फंसी विवादों में
‘महाराज’ फिल्म का पोस्टर, जिनमें जुनैद और जयदीप दिखाई दे रहे हैं।

HighLights

  1. 14 जून को रिलीज होने वाली थी महाराज फिल्म
  2. 1862 के महाराज मानहानि मामले पर है आधारित
  3. आमिर खान के बेटे की पहली फिल्म है महाराज

एंटरटेनमेंट डेस्क, इंदौर। Maharaj Movie Controversy: आमिर खान के बेटे जुनैद खान अपनी फिल्म ‘महाराज’ के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे, लेकिन रिलीज के पहले ही फिल्म को लेकर जमकर विवाद हो रहा है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली इस फिल्म पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया है। यह फिल्म 14 जून को रिलीज होने वाली थी, लेकिन गुजरात हाईकोर्ट ने रिलीज पर अस्थायी रोक लगा दी थी।

ताजा खबर यह है कि गुरुवार को हाई कोर्ट के जज फिल्म देख सकते हैं और इस पर अपना फैसला सुना सकते हैं। हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि वे यशराज फिल्म्स और नेटफ्लिक्स के सुझावों के बाद फिल्म देखेंगे। जस्टिस संगीता विशेन गुरुवार को न्यायालय परिसर में यह फिल्म देखेंगी।

फिल्म में जुनैद ने निभाया है पत्रकार का किरदार

महाराज‘ फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने किया है। वहीं, यशराज फिल्म्स के बैनर तले इसे बनाया गया है। बता दें कि यह फिल्म 1862 के महाराज मानहानि मामले पर आधारित है। यह कानूनी लड़ाइयों में से एक है, जिसका भारत के इतिहास पर गहरा प्रभाव पड़ा था। इस केस में एक पत्रकार ने वल्लभाचार्य संप्रदाय पर सवाल उठाए थे।

आज फिल्म देखेगी अदालत

अदालत ने कहा है कि वह न्याय के हित में ही फिल्म देखेगी। इसके बाद ही फिल्म को लेकर कोई फैसला सुना सकती है। याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई है कि फिल्म के कुछ हिस्सों में निंदनीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, नेटफ्लिक्स की ओर से पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बताया कि फिल्म को केंद्रीय प्रमाणन बोर्ड से प्रमाणपत्र मिल गया है। इस पर 2013 में एक पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है। सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद फिल्म को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई जानी चाहिए।





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